13/11/2024
12 अक्टूबर 2023 का दिन कुछ अलग था। मैंने वो किया जिसे करनेवाले को लोग डरपोक या भगोड़ा ऐसी संज्ञा देते हैं। कानून भी उसे जुर्म मानता है। ख़ुदकुशी करना समाज में बहुंत बुरा माना जाता है। अक्सर मन की कमजोरी ही इसका कारण होती है। मैं भी कमजोर ही हूँ। कुछ समय पहले मुझे उम्मीद थी कि मेरे जीवन का भी कोई मोल है, मतलब है। पर अब मुझे भरोसा हो गया है कि मैं अपने बारे में भी गलत ही सोचता हूँ।
मुझमें कोई काबिलियत नहीं। झूठा इंसान हूँ मैं। मुझमे काम करने की इच्छा नही। पर ख्वाहिशें मेरी काम नहीं। आज भी जब आद्या की शादी तय हो गई है, मुझे उसकी खुशी नहीं हो